

सरकार ने कहा- पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं; जानिए पूरा मामला
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर बड़ा स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज (Travel Document) है, न कि भारतीय नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण। मंत्रालय के इस बयान के बाद नागरिकता और पहचान से जुड़े दस्तावेजों को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी सुनवाई के दौरान स्पष्ट कर चुका है कि आधार कार्ड पहचान का दस्तावेज है, लेकिन नागरिकता का प्रमाण नहीं।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल और गीतकार जावेद अख्तर ने भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि पासपोर्ट भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है, तो आखिर नागरिकता साबित करने के लिए कौन-सा दस्तावेज मान्य होगा।
पासपोर्ट का असली उद्देश्य क्या है?
पासपोर्ट भारत सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है, जिसका उपयोग विदेश यात्रा, वीजा प्राप्त करने और विदेश में भारतीय नागरिक की पहचान स्थापित करने के लिए किया जाता है। विदेश में किसी आपात स्थिति में भारतीय दूतावास से सहायता प्राप्त करने के लिए भी पासपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है।
क्या पासपोर्ट नागरिकता साबित करता है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट धारक की राष्ट्रीयता (Nationality) को दर्शाता है, लेकिन भारतीय नागरिकता (Citizenship) का अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं माना जाता। नागरिकता का निर्धारण Citizenship Act, 1955 के प्रावधानों और उपलब्ध कानूनी रिकॉर्ड के आधार पर किया जाता है।
क्या भारत में नागरिकता का कोई एक प्रमाण पत्र है?
नहीं। भारत में ऐसा कोई एक सार्वभौमिक दस्तावेज नहीं है जिसे सभी नागरिकों के लिए नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति ने नागरिकता किस आधार पर प्राप्त की है और उसके संबंध में कौन-कौन से वैध रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।
आधार, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस क्यों पर्याप्त नहीं?
आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस अलग-अलग प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए जारी किए जाते हैं। इनका उपयोग पहचान, मतदान या वाहन चलाने जैसी प्रक्रियाओं के लिए होता है, इसलिए इन्हें अपने आप में नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।
क्या पासपोर्ट रद्द होने से नागरिकता खत्म हो जाती है?
नहीं। पासपोर्ट रद्द या निलंबित होने का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति की भारतीय नागरिकता समाप्त हो गई। पासपोर्ट गलत जानकारी, सुरक्षा कारणों, कानूनी कार्रवाई या पासपोर्ट अधिनियम के उल्लंघन के कारण रद्द किया जा सकता है, जबकि नागरिकता समाप्त करने की प्रक्रिया अलग कानून के तहत होती है।
सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं को लेकर क्या जानकारी दी?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक दशक में देशभर में पासपोर्ट सेवा केंद्रों और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। चिप आधारित ई-पासपोर्ट की 1.47 करोड़ प्रतियां जारी की जा चुकी हैं और पासपोर्ट आवेदन के निपटारे का औसत समय घटकर 5 से 6 दिन रह गया है। इसके अलावा अब 27 देश भारतीय नागरिकों को वीजा-फ्री प्रवेश की सुविधा देते हैं।
निष्कर्ष
सरकार का कहना है कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज जरूर है, लेकिन इसका प्राथमिक उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेश में पहचान सुनिश्चित करना है। वहीं, भारतीय नागरिकता का निर्धारण संबंधित कानूनों और उपलब्ध वैध रिकॉर्ड के आधार पर किया जाता है।
