

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: 2 आरोपी 14 घंटे की रिमांड पर, अब होगा पैसों और साजिश का खुलासा
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों रमाशंकर मिश्रा और रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव को पुलिस ने 14 घंटे की रिमांड पर लिया है। बुधवार सुबह पुलिस टीम फैजाबाद जेल पहुंची और दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस लाइन ले जाकर पूछताछ शुरू की।
जांच एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि मंदिर के चढ़ावे की रकम किस तरह निकाली गई, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और चोरी की गई राशि को कहां छिपाया गया या खर्च किया गया। पुलिस आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और घटनाक्रम का खुलासा किया जा सके।
पैसों की बरामदगी पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार पुलिस की प्राथमिकता चोरी की गई रकम की बरामदगी है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपियों ने धन को किन माध्यमों से निकाला, उसे कहां रखा और क्या किसी अन्य व्यक्ति को भी इसमें शामिल किया गया। पूछताछ के आधार पर पुलिस अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी भी कर सकती है।
डिजिटल और बैंक रिकॉर्ड की भी होगी जांच
मामले की जांच केवल पूछताछ तक सीमित नहीं है। पुलिस बैंक खातों, लेन-देन के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि कथित चोरी कितने समय से चल रही थी और इसमें कोई संगठित नेटवर्क तो शामिल नहीं था।
राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि सुरक्षा और लेखा प्रणाली में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई, जिसका फायदा आरोपियों ने उठाया।
CEO पद के लिए 24 घंटे में 1000 आवेदन
इसी बीच राम मंदिर से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण खबर भी सामने आई है। मंदिर प्रशासन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद महज 24 घंटे के भीतर करीब 1000 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। इससे स्पष्ट है कि इस महत्वपूर्ण पद को लेकर देशभर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने रुचि दिखाई है।
जांच जारी, कई और खुलासों की उम्मीद
पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि पूछताछ में नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।
