

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 700 अंकों यानी लगभग 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,500 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं एनएसई निफ्टी भी करीब 200 अंकों यानी 0.90 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,150 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली।
TCS के शानदार तिमाही नतीजों का बाजार पर असर
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा चर्चा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों की रही। कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के बेहतर नतीजे जारी करने के बाद निवेशकों ने शेयर में जोरदार खरीदारी की।
नतीजों के बाद टीसीएस का शेयर 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ लगभग 2,090 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे पूरे आईटी सेक्टर में सकारात्मक माहौल बना और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली।
TCS का मुनाफा और राजस्व दोनों बढ़े
कंपनी के वित्तीय परिणामों के अनुसार—
- नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये रहा।
- पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 12,760 करोड़ रुपये था।
- वहीं ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
बेहतर आय और राजस्व वृद्धि ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया, जिसका असर सीधे कंपनी के शेयर और पूरे आईटी सेक्टर पर देखने को मिला।
पिछले छह महीने में दबाव में रहा था TCS का शेयर
हालांकि शुक्रवार को शेयर में शानदार तेजी देखने को मिली, लेकिन पिछले कुछ महीनों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
- पिछले 6 महीनों में TCS का शेयर करीब 30 प्रतिशत तक गिरा था।
- वहीं एक साल के दौरान शेयर में लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
ऐसे में तिमाही नतीजों के बाद आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है।
किन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा खरीदारी?
आज के कारोबार में निवेशकों ने सबसे ज्यादा भरोसा आईटी और मेटल सेक्टर पर जताया। मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों और सकारात्मक बाजार धारणा के चलते इन सेक्टरों के अधिकांश शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अन्य बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बेहतर रहते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
