
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK)

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग एकत्र हुए और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है” और क्षेत्र के लोगों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार लंबे समय से क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव कर रही है और उनकी लोकतांत्रिक मांगों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस बीच, पाकिस्तान प्रशासन ने आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्टों के अनुसार, JAAC के 600 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा, संगठन के प्रमुख नेताओं पर भी शिकंजा कसते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की गई।
इसी कार्रवाई के दौरान एक करोड़ रुपये के इनामी शौकत नवाज को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी को पाकिस्तान प्रशासन की बड़ी सफलता बताया जा रहा है, जबकि आंदोलन से जुड़े लोग इसे विरोध की आवाज दबाने की कोशिश मान रहे हैं।
रावलकोट सहित कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि, प्रदर्शनकारी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि PoK में बढ़ता जनआक्रोश पाकिस्तान सरकार के लिए नई चुनौती बन सकता है। यदि विरोध प्रदर्शन इसी तरह जारी रहे, तो आने वाले दिनों में क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
