फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026: एमबाप्पे के डबल गोल से फ्रांस क्वार्टर फाइनल में, मैक्सिको ने 40 साल बाद रचा इतिहास

फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-16 मुकाबलों में बुधवार का दिन रोमांच और रिकॉर्ड्स से भरा रहा। पिछली बार की फाइनलिस्ट फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वीडन को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। वहीं सह-मेजबान मैक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर 40 वर्षों बाद नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज की। दूसरी ओर नॉर्वे ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।


एमबाप्पे का डबल धमाका, फ्रांस की आसान जीत

न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में फ्रांस ने शुरुआत से ही स्वीडन पर दबाव बनाए रखा। टीम ने पूरे मैच में 25 शॉट लगाए, जबकि स्वीडन केवल 7 शॉट ही लगा सका।

किलियन एमबाप्पे ने 45वें और 74वें मिनट में दो शानदार गोल किए, जबकि ब्रैडली बारकोला ने 53वें मिनट में तीसरा गोल दागा। माइकल ओलिसे ने दोनों गोलों में बेहतरीन असिस्ट देकर मैच के हीरो बनने में अहम भूमिका निभाई।


एमबाप्पे ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

इस मुकाबले में दो गोल करते ही किलियन एमबाप्पे वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उनके नाम अब 10 नॉकआउट गोल दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने ब्राजील के दिग्गज लियोनिडास और रोनाल्डो के 8-8 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

एमबाप्पे के इस वर्ल्ड कप में अब 6 गोल हो चुके हैं और वे गोल्डन बूट की दौड़ में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी पर पहुंच गए हैं। वहीं वर्ल्ड कप करियर में उनके कुल 18 गोल हो चुके हैं और वे मेसी के 19 गोल के रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं।


फ्रांस के कोच भावुक नजर आए

फ्रांस के मुख्य कोच दिदिए देशां अपनी मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े। मुकाबले के अंत में जब एमबाप्पे को मैदान से बाहर बुलाया गया तो देशां ने झुककर उनका अभिवादन किया। फ्रांस ने अब तक टूर्नामेंट में 13 गोल किए हैं जबकि केवल दो गोल ही खाए हैं।

अब क्वार्टर फाइनल में फ्रांस का मुकाबला 5 जुलाई को पैराग्वे से होगा।


मैक्सिको ने 40 साल बाद नॉकआउट मुकाबला जीता

मैक्सिको सिटी में खेले गए मुकाबले में मेजबान मैक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर इतिहास रच दिया। जूलियन क्विन्योनेस ने 22वें मिनट में पहला गोल किया, जबकि राउल जिमेनेज ने 31वें मिनट में बढ़त दोगुनी कर दी।

यह 1986 के बाद पहली बार है जब मैक्सिको ने वर्ल्ड कप का कोई नॉकआउट मुकाबला जीता है। इससे पहले टीम लगातार सात नॉकआउट मैच हार चुकी थी।


जश्न के बीच दो फैंस की मौत

मैक्सिको की ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न मनाया गया। हालांकि खुशी का माहौल उस समय गम में बदल गया जब अलग-अलग स्थानों पर भीड़ और दम घुटने की घटनाओं में दो फुटबॉल प्रशंसकों की मौत हो गई।


मैच से पहले और दौरान हुआ विवाद

मुकाबले से पहले इक्वाडोर ने शिकायत की थी कि मैक्सिको के प्रशंसकों ने पूरी रात होटल के बाहर तेज हॉर्न, ढोल और डीजे बजाकर खिलाड़ियों को सोने नहीं दिया।

वहीं मैच के दौरान कुछ मैक्सिकन प्रशंसकों ने गोलकीपर के खिलाफ समलैंगिक-विरोधी नारे लगाए। इस तरह की घटना इस टूर्नामेंट में दूसरी बार सामने आई है। इससे पहले भी ऐसे नारों के कारण फीफा कई बार मैक्सिको फुटबॉल महासंघ पर जुर्माना लगा चुका है।

अब मैक्सिको का सामना 6 जुलाई को इंग्लैंड और कांगो डीआर के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।


नॉर्वे ने पहली बार बनाया क्वार्टर फाइनल का टिकट

डलास स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में नॉर्वे ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

नॉर्वे के लिए पहला गोल एंटोनियो नुसा ने 39वें मिनट में किया। इसके बाद आइवरी कोस्ट के अमाद डियालो ने 74वें मिनट में बराबरी कर दी।

मैच का फैसला 86वें मिनट में एरलिंग हालैंड ने किया। पैट्रिक बर्ग के शानदार पास पर हालैंड ने इस वर्ल्ड कप का अपना पांचवां गोल दागते हुए टीम को जीत दिला दी।

अब 6 जुलाई को नॉर्वे का सामना पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील से होगा।

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