

राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और कथित गड़बड़ियों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में अब एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मंदिर में दान की गिनती का कार्य करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, मामले को लेकर 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है, जहां जांच को CBI को सौंपने और विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग वाली याचिकाओं पर विचार किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में क्या होगी सुनवाई?
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले से जुड़ी तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मंदिर में आने वाले दान और उसकी गिनती की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच या SIT गठन की मांग की गई है।
23 कर्मचारियों ने क्यों दिया इस्तीफा?
मंदिर में दान गिनने का कार्य संभाल रहे 23 कर्मचारियों के इस्तीफे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर विवाद और जांच की मांग तेज हो गई है।
चढ़ावे में आया बदलाव
मंदिर प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हाल के समय में ₹10 और ₹20 के नोटों की संख्या बढ़ी है, जबकि ₹500 के नोटों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। इसे लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि इस बदलाव के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
याचिकाओं में मंदिर में मिलने वाले दान की गिनती, रिकॉर्डिंग, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में हर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।
13 जुलाई की सुनवाई पर सबकी नजर
अब पूरे मामले की निगाहें 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत यह तय करेगी कि मामले की जांच किस एजेंसी से कराई जाए और क्या स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है। सुनवाई के बाद आने वाला फैसला इस पूरे विवाद की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
