
बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी के बहुचर्चित मामले में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी और बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को 12 जुलाई की रात करीब 10 बजे देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए चमोली लाया गया, जहां उससे मामले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है।
मोबाइल के नीचे छिपाकर ले जाता था चढ़ावे की रकम
SIT की जांच में सामने आया है कि प्रमोद नौटियाल चढ़ावे की गिनती के दौरान बेहद चालाकी से चोरी करता था। पुलिस के मुताबिक वह ₹500 के नोट, सोने और चांदी के सिक्कों को अपने मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर बाहर ले जाता था, जिससे किसी को उस पर संदेह नहीं होता था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी लंबे समय से इसी तरीके से मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी कर रहा था।
CCTV फुटेज से खुला राज
मामले की जांच के दौरान मंदिर परिसर और चढ़ावा गिनती स्थल के CCTV फुटेज की जांच की गई। पुलिस का दावा है कि फुटेज में आरोपी की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने के बाद उसके खिलाफ सबूत मजबूत हुए, जिसके आधार पर SIT ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच
SIT अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में प्रमोद नौटियाल अकेला शामिल था या फिर किसी अन्य कर्मचारी की भी इसमें भूमिका रही है। जांच टीम चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया, ड्यूटी रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।
BKTC ने पहले ही किया था निलंबित
चोरी के आरोप सामने आने के बाद बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया और विस्तृत जांच शुरू की।
पूरे मामले की गहन जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन, चोरी की कुल राशि और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
