
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ पर हमले के बाद ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने परमाणु हथियारों पर बड़ा बयान दिया, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के बीच होर्मुज़ में हमला, बढ़ा वैश्विक तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच जारी शांति वार्ता के बीच मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज़ पर हुए हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता गहरा गई है। इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने सुरक्षा कारणों से जहाज़ों की निकासी योजना फिलहाल रोक दी है।
बताया जा रहा है कि हमले से कुछ घंटे पहले ही ईरान ने चेतावनी दी थी कि उसकी मंजूरी के बिना कोई भी जहाज़ इस मार्ग का इस्तेमाल न करे। संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी के अनुसार, जिस जहाज़ पर हमला हुआ वह निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था।
ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बड़ा बयान देते हुए कहा,
“अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो वह पहले ही घंटे में उसका इस्तेमाल कर चुका होता। अब वे इसे हासिल नहीं करने पर सहमत हो गए हैं।”
ट्रंप के इस बयान को ईरान-अमेरिका वार्ता के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इजरायल को ईरान की चेतावनी
इसी दौरान ईरान ने इजरायल को भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने लेबनान नहीं छोड़ा तो उसे “शर्मनाक हार” का सामना करना पड़ेगा। इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान ने ट्रंप के प्रस्ताव को किया खारिज
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ़ ने ट्रंप के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें अनफ्रीज़ की गई ईरानी संपत्ति से अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने की बात कही गई थी।
ग़ालिबाफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
“अमेरिका झूठा दावा कर रहा है कि हमारी संपत्ति से उनके कृषि उत्पाद खरीदे जाएंगे। हमने सिर्फ वही फसल काटी है जो आपने दशकों के अविश्वास के रूप में बोई थी।”
मार्को रुबियो बोले- किसी भी कीमत पर समझौता नहीं
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता चाहता है, लेकिन “किसी भी कीमत पर नहीं।”
रुबियो ने स्पष्ट किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज़ों पर किसी भी प्रकार का टोल या शुल्क अमेरिका को स्वीकार नहीं होगा।
उन्होंने कहा,
“अगर ईरान यहां टोल वसूलना शुरू करता है, तो दुनिया के अन्य देश भी ऐसा करने लगेंगे और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में अराजकता फैल जाएगी।”
तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस आपूर्ति लाइनों में से एक माना जाता है। जहाज़ पर हमले के बाद कई मालवाहक जहाज़ों ने अपना मार्ग बदल दिया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जलडमरूमध्य अभी खुला है, लेकिन सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
क्या आगे बढ़ पाएगी शांति वार्ता?
होर्मुज़ में हुए हमले और दोनों देशों के तीखे बयानों ने ईरान-अमेरिका शांति वार्ता को नए संकट में डाल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव पर जल्द समाधान नहीं निकला, तो वार्ता की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अगली रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
