

ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार को उस समय भावुक माहौल देखने को मिला जब देश के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए लाखों लोग सड़कों पर उमड़ पड़े। शिया परंपरा के अनुसार बड़ी संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए और छाती पीटकर मातम मनाया।
ग्रैंड मोसल्ला परिसर में आयोजित अंतिम विदाई समारोह के दौरान हजारों लोगों ने “खून बहेगा”, “बदला लिया जाएगा” और “अमेरिका मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे।
मातम के बीच गूंजे बदले के नारे
अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के हाथों में ईरानी झंडे और धार्मिक बैनर दिखाई दिए। भीड़ ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई लोगों ने कहा कि वे अपने नेता की मौत का बदला लेने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, इन नारों को लेकर किसी आधिकारिक सरकारी घोषणा में बदले की नई कार्रवाई का ऐलान नहीं किया गया है।
ट्रम्प का बयान बना चर्चा का विषय
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर बयान देते हुए कहा कि उन्होंने “ईरान को एक हफ्ते की छुट्टी दी”। ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव के बीच ऐसे बयान आने से मध्य पूर्व की राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।
दुनिया की नजरें ईरान पर
खामेनेई की अंतिम विदाई के दौरान जिस तरह लाखों लोग सड़कों पर उतरे, उसने एक बार फिर दुनिया का ध्यान ईरान की ओर खींच लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ईरान की आंतरिक राजनीति और विदेश नीति पर महत्वपूर्ण फैसले देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि शोक और जनभावनाओं के बीच ईरान की सरकार आगे क्या कदम उठाती है और अमेरिका-ईरान संबंध किस दिशा में बढ़ते हैं।
