

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में उस समय असहज स्थिति बन गई जब ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के अधिकांश सदस्य चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे और चाहते थे कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पहले की तरह करते रहें। हालांकि ट्रस्ट के संविधान में निर्धारित प्रावधानों के चलते अंततः उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
यह बैठक राम मंदिर परिसर स्थित यात्री सुविधा केंद्र में आयोजित हुई, जहां ट्रस्ट के सभी प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
अधिकांश सदस्य चाहते थे कि चंपत राय बने रहें
बैठक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कई सदस्यों ने चंपत राय के लंबे अनुभव, मंदिर निर्माण में उनकी भूमिका और संगठनात्मक योगदान का उल्लेख करते हुए उनसे अपना फैसला वापस लेने का आग्रह किया। सदस्यों का मानना था कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य अभी भी जारी हैं, ऐसे में उनका अनुभव ट्रस्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
हालांकि, ट्रस्ट के संविधान में निर्धारित नियमों के अनुसार इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी की गई और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उसे स्वीकार कर लिया गया।
बैठक में दिखी तीखी नोकझोंक
बैठक के दौरान एक और घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब गोपाल राव बैठक स्थल पर पहुंचे तो ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने उन्हें देखते ही नाराजगी जताते हुए कथित तौर पर कहा, “हटो यहां से।”
इस घटना के बाद कुछ समय के लिए बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि बाद में अन्य सदस्यों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई।
कई अहम फैसलों पर भी हुई चर्चा
बैठक में मंदिर निर्माण से जुड़े शेष कार्यों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और ट्रस्ट के भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। यात्री सुविधा केंद्र के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था और दर्शन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
