श्रद्धा कपूर की फिल्म ‘ईठा’ का टाइटल विवादों में, NCP और विठाबाई के परिवार ने उठाई नाम बदलने की मांग

अभिनेत्री श्रद्धा कपूर की आगामी फिल्म ‘ईठा’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। यह फिल्म महाराष्ट्र की प्रसिद्ध लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन पर आधारित है, लेकिन फिल्म के टाइटल को लेकर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) और विठाबाई के परिवार ने आपत्ति जताई है।

फिल्म का टीजर सामने आने के बाद NCP नेताओं ने सवाल उठाया कि जब फिल्म एक महान लोककलाकार के जीवन पर आधारित है, तो उसके शीर्षक में विठाबाई का नाम क्यों नहीं शामिल किया गया। पार्टी का कहना है कि फिल्म का नाम उस महान कलाकार की पहचान से जुड़ा होना चाहिए।

टीवी9 की रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस विरोध को विठाबाई नारायणगांवकर के परिवार का भी समर्थन मिल गया है। उनके बेटे कैलाश नारायणगांवकर, राजेश नारायणगांवकर और पोते मोहित ने फिल्म निर्माताओं से टाइटल बदलने की मांग की है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अब तक फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक विभाग से जुड़े बाबा साहेब पाटिल ने भी फिल्म के नाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि विठाबाई ने लावणी और तमाशा जैसी लोककलाओं को नई पहचान दिलाई थी। ऐसे में उनके जीवन पर बनने वाली फिल्म का शीर्षक भी उनके नाम से जुड़ा होना चाहिए।

फिल्म 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसका निर्देशन लक्ष्मण उटेकर ने किया है, जिन्होंने इससे पहले ‘छावा’, ‘जरा हटके जरा बचके’ और ‘मिमी’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। फिल्म में श्रद्धा कपूर के साथ रणदीप हुड्डा और अनंत जोशी भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का टीजर 23 जून 2026 को रिलीज किया गया था।


कौन थीं विठाबाई नारायणगांवकर?

विठाबाई नारायणगांवकर महाराष्ट्र की सबसे प्रसिद्ध लावणी और तमाशा कलाकारों में गिनी जाती थीं। उनका जन्म वर्ष 1935 में एक कलाकार परिवार में हुआ था और उन्होंने बेहद कम उम्र में मंच पर प्रस्तुति देना शुरू कर दिया था।

अपनी दमदार गायकी, नृत्य और अभिनय के कारण उन्हें ‘लावणी सम्राज्ञी’ के नाम से जाना गया। उन्होंने महाराष्ट्र की लोककला को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई राज्य और राष्ट्रीय सम्मान भी मिले। वर्ष 2002 में उनका निधन हो गया, लेकिन आज भी उन्हें महाराष्ट्र की लोककला की सबसे महान हस्तियों में गिना जाता है।


इन फिल्मों के टाइटल भी विवादों के बाद बदले गए

  • पद्मावती → पद्मावत
    रानी पद्मावती के चित्रण को लेकर विवाद के बाद नाम बदला गया।
  • लक्ष्मी बॉम्ब → लक्ष्मी
    धार्मिक भावनाओं को लेकर विरोध के बाद ‘बॉम्ब’ शब्द हटाया गया।
  • राम-लीला → गोलियों की रासलीला राम-लीला
    भगवान राम के नाम के उपयोग पर विवाद के बाद नया शीर्षक रखा गया।
  • सत्यनारायण की कथा → सत्यप्रेम की कथा
    धार्मिक आपत्तियों के बाद फिल्म का नाम बदला गया।
  • पृथ्वीराज → सम्राट पृथ्वीराज
    करणी सेना सहित कई संगठनों की मांग के बाद ‘सम्राट’ शब्द जोड़ा गया।
  • मेंटल है क्या → जजमेंटल है क्या
    मानसिक स्वास्थ्य संगठनों की आपत्ति के बाद शीर्षक बदला गया।
  • लवरात्रि → लवयात्री
    नवरात्रि पर्व से जुड़े विवाद के बाद नया नाम रखा गया।
  • बैटल ऑफ गलवान → मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस
    संवेदनशील सैन्य विषय को लेकर विवाद के बाद शीर्षक बदला गया।
  • घूसखोर पंडत → (नया नाम बाद में घोषित किया गया)
    ब्राह्मण समाज के विरोध के बाद फिल्म का टाइटल बदलने का फैसला लिया गया।

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