दिलजीत दोसांझ बोले- “मैं सिर्फ एक कलाकार हूं, राजनीति और प्रदर्शनों से मुझे दूर रखें”, CJP के आंदोलन पर दी प्रतिक्रिया

सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका राजनीति या किसी भी तरह के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है और लोग उन्हें ऐसे विवादों से दूर रखें।

बुधवार शाम को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर फैंस के साथ लाइव बातचीत करते हुए दिलजीत दोसांझ से एक प्रशंसक ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “जंतर-मंतर कहां है प्रदर्शन के लिए? भाई, मुझे प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं एक कलाकार हूं, मैं कोई नेता नहीं हूं।”

खुद को सिर्फ कलाकार बताया

दिलजीत दोसांझ ने कहा कि वह केवल मनोरंजन की दुनिया से जुड़े हुए हैं और उनका उद्देश्य लोगों का मनोरंजन करना है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं, लेकिन वह खुद को राजनीति और विवादों से दूर रखना पसंद करते हैं।

उन्होंने साफ कहा कि उनका किसी राजनीतिक संगठन, आंदोलन या प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है।

गुरु ग्रंथ साहिब की पंक्ति का किया उल्लेख

लाइव सेशन के दौरान दिलजीत ने गुरु ग्रंथ साहिब की प्रसिद्ध पंक्ति “नानक दुखिया सब संसार, सो सुखिया जिस नाम अधार” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में हर व्यक्ति किसी न किसी परेशानी से गुजर रहा है और जीवन में सब कुछ कभी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता।

उनके मुताबिक, दुनिया में हर किसी की अपनी-अपनी चुनौतियां हैं और हर समस्या का समाधान तुरंत संभव नहीं होता।

विवाद पर मजाकिया अंदाज में दिया जवाब

प्रदर्शन को लेकर आगे टिप्पणी करने से बचते हुए दिलजीत दोसांझ ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा,

“जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई और जिनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, उन्हें भी बधाई। मुझे इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है।”

उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर काफी चर्चा मिल रही है। कई लोग इसे तटस्थ प्रतिक्रिया मान रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स इस पर अपनी अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।

क्या है CJP का आंदोलन?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। यह संगठन शुरुआत में एक डिजिटल व्यंग्य (सटायर) समूह के रूप में सामने आया था, जिसके संस्थापक अभिजीत दिपके हैं।

संगठन का कहना है कि नीट (NEET) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर लगातार धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका आरोप है कि नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

हालांकि, दिलजीत दोसांझ ने इस पूरे विवाद पर किसी भी पक्ष का समर्थन या विरोध करने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि वह केवल एक कलाकार हैं और राजनीति या आंदोलनों से दूरी बनाए रखना चाहते हैं।

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