पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सरकार का बड़ा बयान, 2-3 महीनों बाद हो सकता है फैसला; तेल कंपनियों को ₹74,781 करोड़ का नुकसान

देशभर के करोड़ों वाहन चालकों के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी को लेकर कोई तत्काल फैसला नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अगले 2 से 3 महीनों के भीतर स्थिति का आकलन करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

ईरान युद्ध के दौरान महंगा खरीदा गया था कच्चा तेल

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ईरान युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थीं। उस समय भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने देश में ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने के लिए ऊंचे दामों पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा था।

वर्तमान में भारतीय रिफाइनरियां उसी महंगे स्टॉक को प्रोसेस कर रही हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अब कच्चे तेल की कीमतें कुछ कम होने के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल राहत देना संभव नहीं है।

तेल कंपनियों को हुआ ₹74,781 करोड़ का नुकसान

सरकार के अनुसार, लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री करने के कारण देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों को 30 जून तक लगभग ₹74,781 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है।

मंत्री ने कहा कि सरकार और तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं पर बोझ कम रखने की कोशिश की, लेकिन इसका आर्थिक असर सरकारी कंपनियों पर पड़ा है।

अमेरिका-ईरान समझौते के बाद घटी कच्चे तेल की कीमत

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। यदि अगले 2 से 3 महीनों तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही स्थिति बनी रहती है और कच्चे तेल के दाम स्थिर या कम रहते हैं, तो भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की संभावना बन सकती है।

फिलहाल नहीं मिलेगी तत्काल राहत

सरकार का कहना है कि मौजूदा समय में रिफाइनरियां पुराने और महंगे स्टॉक का इस्तेमाल कर रही हैं। इसलिए अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की घोषणा करना जल्दबाजी होगी। अगले कुछ महीनों में वैश्विक बाजार और तेल कंपनियों की लागत का आकलन करने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

मई में बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम

गौरतलब है कि मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से आम जनता लगातार ईंधन की कीमतों में राहत की उम्मीद कर रही है। हालांकि सरकार का ताजा बयान बताता है कि फिलहाल उपभोक्ताओं को कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *