

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। राजस्थान रिफाइनरी के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते दुनिया गंभीर ऊर्जा संकट से गुजरी, लेकिन भारत ने बेहतर रणनीति और मजबूत प्रबंधन के दम पर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि सरकार समय पर सही फैसले नहीं लेती, तो आज घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत 2 हजार रुपये तक पहुंच सकती थी। हालांकि केंद्र सरकार की प्रभावी ऊर्जा नीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर खरीद प्रबंधन के कारण आज आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर करीब 950 रुपये में उपलब्ध हो रहा है।
युद्ध के कारण बढ़ा था ऊर्जा संकट
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक संघर्षों के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भारी उछाल आया। कई देशों में ईंधन की उपलब्धता भी प्रभावित हुई। ऐसे कठिन समय में भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाई और कई देशों के साथ समझौते कर ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की।
उन्होंने कहा कि सरकार ने समय रहते रणनीतिक फैसले लिए, जिससे देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पर कोई बड़ा संकट नहीं आया और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने से बचाया जा सका।
राजस्थान रिफाइनरी को बताया विकास का नया केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान रिफाइनरी को देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि यह रिफाइनरी सिर्फ ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे पेट्रोकेमिकल उद्योग को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से राजस्थान में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, उद्योगों का विस्तार होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और नई तकनीकों को अपनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर और मजबूत स्थिति हासिल करेगा।
