

अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा कोम पहुंची, जमकरान मस्जिद में जनाजे की नमाज, लाखों लोगों ने दी अंतिम विदाई
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा मंगलवार को शिया मुसलमानों के प्रमुख धार्मिक शहर कोम पहुंची। राजधानी तेहरान के बाद कोम में भी लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने अपने नेता को भावभीनी अंतिम विदाई दी। पूरे शहर में शोक का माहौल रहा और अंतिम यात्रा के दौरान सड़कों पर जनसैलाब देखने को मिला।
जमकरान मस्जिद में अदा की गई जनाजे की नमाज
अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के दिवंगत सदस्यों के ताबूत को कोम स्थित ऐतिहासिक जमकरान मस्जिद लाया गया। यहां प्रसिद्ध धर्मगुरु आयतुल्ला जवादी अमोली ने जनाजे की नमाज अदा कराई। नमाज में शामिल होने के लिए मस्जिद परिसर के साथ-साथ आसपास की सभी सड़कें श्रद्धालुओं से भर गईं।
ड्रोन से सामने आए दृश्य में हजारों नहीं, बल्कि लाखों लोगों की मौजूदगी दिखाई दी। लोगों ने धार्मिक नारों के बीच अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्यों खास है कोम?
कोम को दुनिया भर के शिया मुसलमानों का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र माना जाता है। अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने शुरुआती धार्मिक जीवन के दौरान इसी शहर में इस्लामी शिक्षा प्राप्त की थी। यही कारण है कि उनकी अंतिम यात्रा का यह पड़ाव भावनात्मक और धार्मिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नजफ और कर्बाला भी जाएगा जनाजा
कार्यक्रम के अनुसार 8 जुलाई को खामेनेई के ताबूत को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बाला ले जाया जाएगा। वहां शिया समुदाय के लोग अंतिम दर्शन करेंगे और विशेष जनाजे का जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद अंतिम यात्रा दोबारा ईरान लौटेगी।
मशहद में होगा अंतिम संस्कार
अंतिम यात्रा का आखिरी पड़ाव ईरान का मशहद शहर होगा, जो खामेनेई का गृह नगर भी माना जाता है। गुरुवार को इमाम रजा दरगाह परिसर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में धार्मिक नेताओं, अधिकारियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
पूरी दुनिया की नजर अंतिम यात्रा पर
अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। मध्य पूर्व के कई देशों में भी इस घटनाक्रम को लेकर विशेष कवरेज किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं, जबकि सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।

