

देशभर में मानसून का कहर: छत्तीसगढ़ में 93 साल का रिकॉर्ड टूटा, यूपी के सभी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अरुणाचल के 35 गांवों में भूस्खलन
देश के कई राज्यों में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। छत्तीसगढ़ में जहां बिलासपुर ने 93 वर्षों का बारिश का रिकॉर्ड तोड़ दिया, वहीं उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर, अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
बिलासपुर में टूटा 93 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने इतिहास रच दिया। शहर में लगभग 16 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसने 93 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले वर्ष 1933 में यहां 14.93 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड था।
लगातार हुई तेज बारिश के कारण शहर की कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। कई निचले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी भर गया। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है और लोगों से आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।
यूपी के सभी 75 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली, आगरा, झांसी, बाराबंकी सहित राज्य के सभी 75 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। घाटों का निचला हिस्सा पानी में डूबने के बाद प्रसिद्ध गंगा आरती को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना पड़ा। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घाटों पर न जाने की सलाह दी है।
वहीं झांसी में मात्र 15 मिनट की तेज बारिश के बाद तापमान में लगभग 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से हालात गंभीर
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन की समस्या को और गंभीर बना दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान अपर सुबनसिरी जिले के गिबा, निलिंग, चेतम और दापोरिजो सर्किलों के 35 गांवों में फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं।
भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे अनेक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
राज्य में अब तक 1,13,674 लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मौसम विभाग की अपील
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। जिन क्षेत्रों में बाढ़ या भूस्खलन का खतरा है, वहां स्थानीय प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
देशभर में मानसून का असर
मानसून की तेज गतिविधियों के कारण देश के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ रहा है, जबकि कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। राहत एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
