

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे ‘लव जिहाद’ के आरोपों पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में अपनी तीसरी शादी को लेकर चर्चा में आए आमिर खान ने स्पष्ट किया कि उनकी किसी भी शादी में धर्म परिवर्तन नहीं हुआ और उनकी सभी शादियां स्पेशल मैरिज एक्ट (सिविल मैरिज) के तहत संपन्न हुई थीं।
एक इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें ‘लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर’ कहा जा रहा है, लेकिन यह पूरी तरह से गलत और तथ्यों से परे है। उन्होंने कहा कि उनकी किसी भी पत्नी ने शादी के लिए अपना धर्म नहीं बदला।
‘मेरी किसी पत्नी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया’
आमिर खान ने कहा कि उनकी पहली, दूसरी और तीसरी—तीनों शादियां सिविल मैरिज के तहत हुईं। इसलिए किसी भी पत्नी से धर्म परिवर्तन की कोई शर्त नहीं थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी तीसरी पत्नी गौरी हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं।
आमिर ने कहा कि लोग बिना पूरी जानकारी के सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
परिवार का उदाहरण देकर दी सफाई
आमिर खान ने अपने परिवार का हवाला देते हुए कहा कि उनके घर में अलग-अलग धर्मों के लोग हैं और सभी एक-दूसरे के विश्वास का सम्मान करते हैं।
उन्होंने बताया कि—
- उनकी बेटी इरा खान की शादी एक हिंदू युवक से हुई है।
- उनकी बहन निखत खान के पति हिंदू हैं।
- दूसरी बहन फरहत खान के पति भी हिंदू हैं।
- उनके कजिन मंसूर खान ने एक ईसाई महिला से शादी की है।
आमिर ने कहा कि उनके परिवार में कभी भी धर्म को लेकर कोई विवाद या दबाव नहीं रहा और सभी रिश्ते आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित हैं।
सोशल मीडिया पर क्यों शुरू हुआ विवाद?
हाल के दिनों में आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने उन्हें ‘लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर’ तक कह दिया। इसके बाद यह मुद्दा तेजी से वायरल हो गया और अभिनेता से इस पर प्रतिक्रिया मांगी जाने लगी।
इसी विवाद के बीच आमिर खान ने स्पष्ट किया कि उनकी निजी जिंदगी को लेकर फैलाई जा रही कई बातें गलत हैं और तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।
सिविल मैरिज क्या होती है?
भारत में स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत अलग-अलग धर्मों के दो वयस्क बिना धर्म परिवर्तन किए कानूनी रूप से विवाह कर सकते हैं। ऐसी शादी में किसी पक्ष के लिए अपना धर्म बदलना आवश्यक नहीं होता।
