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न्यूजीलैंड में बोले पीएम मोदी- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा, हमारे लिए जनसंख्या नहीं बल्कि लोगों की भावना मायने रखती है
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न्यूजीलैंड में बोले पीएम मोदी- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा, हमारे लिए जनसंख्या नहीं बल्कि लोगों की भावना मायने रखती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक प्रसंग साझा किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने करीब 25 से 30 वर्ष पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि जब वह किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे, तब पहली बार न्यूजीलैंड आने का अवसर मिला था। उसी यात्रा की एक निशानी आज भी उनके पास सुरक्षित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि "करीब 25-30 साल पहले मैं यहां आया था। उस समय किसी ने मुझे तीन चीजें उपहार में दी थीं—एक मफलर, एक कैप और एक जोड़ी दस्ताने। इन तीनों में से एक चीज आज भी मेरे साथ है। मैं आज इसी कार्यक्रम में वही मफलर पहनकर आया हूं।" उन्होंने कहा कि इस मफलर का उन्होंने कई बार उपयोग किया है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड के लोगों के स्नेह और अपनत्व की याद है। 'उपहार की कीमत ...
TMC के 3 पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल, उपचुनाव में बनाया उम्मीदवार; ममता बनर्जी को लगा बड़ा झटका
देश, राजनीति

TMC के 3 पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल, उपचुनाव में बनाया उम्मीदवार; ममता बनर्जी को लगा बड़ा झटका

TMC के 3 पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल, उपचुनाव में बनाया उम्मीदवार; ममता बनर्जी को लगा बड़ा झटका पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। भाजपा ने पार्टी में शामिल होते ही तीनों नेताओं को राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नेताओं का भाजपा में जाना TMC के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा सकता है। ममता बनर्जी से नाराज होकर छोड़ी थी TMC तीनों नेताओं ने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के दौरान उन्हो...
पुरी के गजपति महाराज ने राष्ट्रपति और पीएम मोदी को लिखा पत्र, ISKCON की अलग रथयात्रा पर जताई आपत्ति
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पुरी के गजपति महाराज ने राष्ट्रपति और पीएम मोदी को लिखा पत्र, ISKCON की अलग रथयात्रा पर जताई आपत्ति

पुरी के गजपति महाराज ने राष्ट्रपति और पीएम मोदी को लिखा पत्र, ISKCON की अलग रथयात्रा पर जताई आपत्ति भगवान श्रीजगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने 8 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ISKCON (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) द्वारा अलग-अलग तिथियों पर जगन्नाथ रथयात्रा और स्नान यात्रा आयोजित किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है। गजपति महाराज ने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा है कि यदि इस पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो भगवान जगन्नाथ की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा और शास्त्रीय व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। क्या है पूरा मामला? पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव, जो श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (SJTMC) के अध्यक्ष भी हैं...
बद्रीनाथ धाम में VIP दर्शन शुल्क पर नया विवाद: 1.63 करोड़ की आय पर उठे सवाल, बोर्ड मंजूरी के बिना वसूली का आरोप
देश

बद्रीनाथ धाम में VIP दर्शन शुल्क पर नया विवाद: 1.63 करोड़ की आय पर उठे सवाल, बोर्ड मंजूरी के बिना वसूली का आरोप

बद्रीनाथ धाम में VIP दर्शन शुल्क पर नया विवाद, 1.63 करोड़ की आय पर उठे सवाल उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब एक और वित्तीय विवाद सामने आ गया है। इस बार मामला VIP दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से वसूले गए शुल्क का है। आरोप है कि बिना मंदिर समिति या बोर्ड की औपचारिक मंजूरी के VIP दर्शन के लिए प्रति श्रद्धालु 1100 रुपये का शुल्क लागू किया गया, जिससे अब तक करीब 1.63 करोड़ रुपये की राशि जमा हो चुकी है। उपाध्यक्ष ने उठाए गंभीर सवाल मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि VIP दर्शन शुल्क लागू करने का कोई प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में पारित नहीं किया गया था। उनका कहना है कि यदि बोर्ड की मंजूरी के बिना यह शुल्क वसूला गया है, तो यह प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर...
Punjab Congress Crisis: पंजाब कांग्रेस में बढ़ा टूट का खतरा, चन्नी गुट की बघेल से बैठक टली, वड़िंग बोले- मुझे तो मीटिंग की जगह तक नहीं बताई गई
देश, राजनीति

Punjab Congress Crisis: पंजाब कांग्रेस में बढ़ा टूट का खतरा, चन्नी गुट की बघेल से बैठक टली, वड़िंग बोले- मुझे तो मीटिंग की जगह तक नहीं बताई गई

पंजाब कांग्रेस में बढ़ा सियासी संकट, चुनाव से पहले अंदरूनी कलह आई खुलकर सामने पंजाब विधानसभा चुनाव में अब करीब आठ महीने का समय बचा है, लेकिन उससे पहले ही कांग्रेस पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के गुट और पार्टी नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी ने पंजाब कांग्रेस में संभावित टूट की अटकलों को तेज कर दिया है। सबसे बड़ा घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल और चन्नी गुट के नेताओं के बीच प्रस्तावित बैठक अंतिम समय में रद्द कर दी गई। बताया जा रहा है कि बैठक को लेकर चन्नी गुट ने कुछ शर्तें रखी थीं, जिसके बाद यह मुलाकात टाल दी गई। वड़िंग का बड़ा बयान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें स्वयं बैठक की जानकारी नहीं थी। वड़िंग न...
PM Modi New Zealand Visit: 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा, FTA समझौते पर होगी बड़ी बातचीत, ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को करेंगे संबोधित
देश, बिज़नेस, राजनीति

PM Modi New Zealand Visit: 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा, FTA समझौते पर होगी बड़ी बातचीत, ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को करेंगे संबोधित

40 साल बाद न्यूजीलैंड पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, FTA समझौते पर होगी अहम बातचीत, ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को करेंगे संबोधित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय विदेश दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि करीब 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा की है। इससे पहले वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी न्यूजीलैंड पहुंचे थे। प्रधानमंत्री मोदी का न्यूजीलैंड दौरा भारत और न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक, आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। FTA समझौते पर रहेगी सबसे बड़ी नजर प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की शुरुआत न्यूजीलैंड स...
सुप्रीम कोर्ट में वकील का हंगामा: CJI के लिए अपशब्द बोले, कोर्ट में फाइल फेंकी, सिक्योरिटी ने बाहर निकाला
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सुप्रीम कोर्ट में वकील का हंगामा: CJI के लिए अपशब्द बोले, कोर्ट में फाइल फेंकी, सिक्योरिटी ने बाहर निकाला

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक सुनवाई के दौरान अभूतपूर्व स्थिति देखने को मिली, जब एक याचिकाकर्ता वकील ने अदालत की कार्यवाही के बीच अनुचित और अभद्र व्यवहार किया। वकील ने न केवल अदालत की गरिमा के विपरीत भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के लिए भी अपमानजनक शब्द कहे और केस से जुड़े दस्तावेज अदालत में फेंक दिए। इसके बाद कोर्ट की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने उसे तुरंत कोर्ट रूम से बाहर कर दिया। सुनवाई की शुरुआत से ही था आक्रामक रवैया जानकारी के अनुसार, मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका से जुड़ा था। इस याचिका को स्वयं संबंधित वकील ने दायर किया था। सुनवाई शुरू होते ही वकील का व्यवहार बेहद आक्रामक दिखाई दिया। उसने अदालत की कार्यवाही के दौरान लगातार ऊंची आवाज में बहस की और न्यायालय की प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न किया। CJI के खिलाफ अ...
करूर भगदड़ पर पहली बार बोले मुख्यमंत्री विजय, कहा- ‘यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा दर्द’, DMK पर लगाया बड़ा आरोप
देश, राजनीति

करूर भगदड़ पर पहली बार बोले मुख्यमंत्री विजय, कहा- ‘यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा दर्द’, DMK पर लगाया बड़ा आरोप

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने करूर भगदड़ की घटना के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस दर्दनाक हादसे को अपने जीवन का सबसे बड़ा दुख बताते हुए कहा कि उस दिन जो हुआ, उसे वह कभी भूल नहीं पाएंगे। मुख्यमंत्री विजय करूर के एटलस ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने भगदड़ में जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। '2025 की करूर घटना मेरे जीवन का सबसे बड़ा दर्द' जनसभा को संबोधित करते हुए विजय भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि 27 सितंबर 2025 की घटना उनके जीवन का सबसे बड़ा दर्द है। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की मौत ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया था और वह आज भी उस हादसे को याद कर दुखी हो जाते है...
महाकाल मंदिर में सोने-चांदी का कितना दान? हिसाब नहीं, प्रदेश के बड़े मंदिरों की व्यवस्था पर उठे सवाल
देश, राज्य

महाकाल मंदिर में सोने-चांदी का कितना दान? हिसाब नहीं, प्रदेश के बड़े मंदिरों की व्यवस्था पर उठे सवाल

अयोध्या में राम मंदिर की दान राशि को लेकर उठे विवाद के बाद अब मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की दान व्यवस्था भी चर्चा के केंद्र में आ गई है। प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों में आने वाले करोड़ों रुपये के नकद दान, सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रखरखाव तथा उनके सार्वजनिक लेखा-जोखा को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। जब प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान व्यवस्था और आय-व्यय का रिकॉर्ड खंगाला गया तो कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी। महाकाल मंदिर में सोने-चांदी के दान का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु नकद राशि के साथ-साथ सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं भी दान करते हैं। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि मंदिर में अब तक कुल कितना सोना और ...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 23 कर्मचारियों का इस्तीफा, 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई
क्राइम, देश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 23 कर्मचारियों का इस्तीफा, 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई

राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और कथित गड़बड़ियों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में अब एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मंदिर में दान की गिनती का कार्य करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, मामले को लेकर 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है, जहां जांच को CBI को सौंपने और विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग वाली याचिकाओं पर विचार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में क्या होगी सुनवाई? मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले से जुड़ी तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मंदिर में आने वाले दान और उसकी गिनती की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच या SIT गठन की मांग की गई है। 23 कर्मचारियों ने क्यों...