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दतिया उपचुनाव 2026: आखिरी वक्त पर क्यों कटा डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट? CM से मुलाकात के बाद बदला फैसला, जानिए पूरी कहानी
राजनीति, राज्य

दतिया उपचुनाव 2026: आखिरी वक्त पर क्यों कटा डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट? CM से मुलाकात के बाद बदला फैसला, जानिए पूरी कहानी

भोपाल/दतिया। मध्यप्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अंतिम समय में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर पूर्व संभागीय संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया। यह फैसला इसलिए भी चर्चा का विषय बन गया क्योंकि पिछले करीब चार महीनों से डॉ. मिश्रा लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे और चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुके थे। सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया के दौरान पहले डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी उनका नाम आगे बढ़ा और बताया जाता है कि पार्टी स्तर पर सिंगल नाम भेजे जाने की चर्चा थी। हालांकि, अंतिम चरण में पार्टी नेतृत्व ने फीडबैक और संगठनात्मक रिपोर्ट के आधार पर अपने निर्णय में बदलाव करते हुए आशुतोष तिवारी को मैदा...
दतिया टिकट विवाद पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बोले- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंगे, भाजपा में टिकट बदलने की परंपरा नहीं
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दतिया टिकट विवाद पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बोले- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंगे, भाजपा में टिकट बदलने की परंपरा नहीं

दतिया टिकट विवाद पर बोले कैलाश विजयवर्गीय- "भाजपा में टिकट घोषित होने के बाद बदलने की परंपरा नहीं" भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर सामने आई नाराजगी को लेकर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा में लोकतांत्रिक व्यवस्था है और प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने की परंपरा पार्टी में नहीं रही है। कैलाश विजयवर्गीय ने विश्वास जताया कि संगठन सभी कार्यकर्ताओं से चर्चा करेगा और जो भी मतभेद हैं, उन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है, जहां हर निर्णय व्यापक विचार-विमर्श और संगठनात्मक प्रक्रिया के बाद लिया जाता है। "भाजपा में टिकट घोषित होने के बाद उसे ...
दतिया उपचुनाव 2026: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही बवाल, समर्थकों की हिंसा में SP समेत 8 पुलिसकर्मी घायल, जिले में धारा 163 लागू
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दतिया उपचुनाव 2026: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही बवाल, समर्थकों की हिंसा में SP समेत 8 पुलिसकर्मी घायल, जिले में धारा 163 लागू

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही बवाल, हिंसक प्रदर्शन में SP समेत 8 पुलिसकर्मी घायल भोपाल/दतिया।मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आ गया है। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया। शुक्रवार शाम जैसे ही यह खबर दतिया और आसपास के क्षेत्रों में फैली, डॉ. मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़क जाम किया, पुलिस पर पथराव किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। हालात को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर भी हमला किया गया, जिसमें जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित कुल 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने पूरे जिले में भारतीय...
भोपाल मास्टर प्लान पर दिशा समिति की बैठक में हंगामा, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील वॉकआउट कर बाहर निकले
राजनीति, राज्य

भोपाल मास्टर प्लान पर दिशा समिति की बैठक में हंगामा, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील वॉकआउट कर बाहर निकले

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लंबे समय से लंबित मास्टर प्लान को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया। शुक्रवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मास्टर प्लान का मुद्दा उठते ही जमकर हंगामा हो गया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने मास्टर प्लान लागू नहीं होने पर बैठक की उपयोगिता पर सवाल उठाए। इस दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। विवाद बढ़ने के बाद दोनों कांग्रेस विधायक बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। मास्टर प्लान लागू नहीं होने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल बैठक के दौरान विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा चल रही थी। इसी बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने भोपाल के बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब तक शहर का मास्टर प्लान लागू नहीं किया जाता, तब तक विकास संबंधी बैठकों का कोई व...
महाकाल मंदिर में सोने-चांदी का कितना दान? हिसाब नहीं, प्रदेश के बड़े मंदिरों की व्यवस्था पर उठे सवाल
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महाकाल मंदिर में सोने-चांदी का कितना दान? हिसाब नहीं, प्रदेश के बड़े मंदिरों की व्यवस्था पर उठे सवाल

अयोध्या में राम मंदिर की दान राशि को लेकर उठे विवाद के बाद अब मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की दान व्यवस्था भी चर्चा के केंद्र में आ गई है। प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों में आने वाले करोड़ों रुपये के नकद दान, सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रखरखाव तथा उनके सार्वजनिक लेखा-जोखा को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। जब प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान व्यवस्था और आय-व्यय का रिकॉर्ड खंगाला गया तो कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी। महाकाल मंदिर में सोने-चांदी के दान का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु नकद राशि के साथ-साथ सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं भी दान करते हैं। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि मंदिर में अब तक कुल कितना सोना और ...
दूसरी शादी छिपाना कितना आसान? क्या Central Digital Marriage Registry से रुकेगी धोखाधड़ी | Bigamy Law India Explained
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दूसरी शादी छिपाना कितना आसान? क्या Central Digital Marriage Registry से रुकेगी धोखाधड़ी | Bigamy Law India Explained

Central Digital Marriage Registry भारत तेजी से डिजिटल हो रहा है। बैंकिंग से लेकर टैक्स, पहचान पत्र से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक लगभग हर क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था लागू हो चुकी है। लेकिन एक ऐसा महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक विषय है, जहां आज भी देश में एक समान डिजिटल व्यवस्था मौजूद नहीं है—विवाह पंजीकरण। यही वजह है कि समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें एक व्यक्ति पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी कर लेता है और पहली पत्नी या पति को इसकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे मामलों में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि पहली शादी पहले से मौजूद थी, तो दूसरी शादी कैसे हो गई? क्या हमारा मौजूदा सिस्टम इस तरह की धोखाधड़ी को पहले ही रोक सकता है? इन्हीं सवालों ने अब एक नई बहस को जन्म दिया है—क्या भारत को एक Central Digital Marriage Registry की आवश्यकता है? भारत में विवाह पंजीकरण की मौजूदा व्यवस...
केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कानूनी संकट: 45,000 करोड़ के प्रोजेक्ट की वन मंजूरी पर उठे सवाल, नियमों के बिना जारी निर्माण
राजनीति, राज्य

केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कानूनी संकट: 45,000 करोड़ के प्रोजेक्ट की वन मंजूरी पर उठे सवाल, नियमों के बिना जारी निर्माण

देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project) एक बार फिर विवादों में आ गई है। करीब 45,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर गंभीर कानूनी और तकनीकी सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया है कि परियोजना के लिए वन विभाग द्वारा दी गई मंजूरी से जुड़ी कई अनिवार्य शर्तों का अब तक पूरी तरह पालन नहीं किया गया है। इसके बावजूद कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है। जानकारी के अनुसार, परियोजना के लिए दी गई वन स्वीकृति (Forest Clearance) के तहत प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन, पर्यावरणीय शर्तों के पालन और वन भूमि से जुड़े अन्य जरूरी प्रावधानों को समय पर पूरा करना आवश्यक था। आरोप है कि इन महत्वपूर्ण शर्तों का पालन अधूरा रहने के बावजूद निर्माण गतिविधियां जारी रखी गईं। क्या है पूरा मामला? केन-बेतवा लिंक परिय...
सीएम के आसपास मंडराते रहे कांग्रेस विधायक, साउथ में बढ़ा ‘मामा’ का क्रेज, चिट्ठी कांड के बाद बदले-बदले दिखे कैलाश विजयवर्गीय
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सीएम के आसपास मंडराते रहे कांग्रेस विधायक, साउथ में बढ़ा ‘मामा’ का क्रेज, चिट्ठी कांड के बाद बदले-बदले दिखे कैलाश विजयवर्गीय

मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों कई ऐसे घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रमों में कांग्रेस विधायकों की बढ़ती मौजूदगी, दक्षिण भारत में 'मामा' ब्रांड की बढ़ती लोकप्रियता और हाल ही में सामने आए चिट्ठी कांड के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बदले हुए तेवर चर्चा का विषय बने हुए हैं। सीएम मोहन यादव के आसपास कांग्रेस विधायकों की बढ़ी सक्रियता हाल के सरकारी कार्यक्रमों में यह देखा गया कि कांग्रेस के कई विधायक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ लगातार नजर आए। राजनीतिक जानकार इसे सिर्फ औपचारिक मुलाकात मानने को तैयार नहीं हैं। सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ती इस नजदीकी को लेकर अलग-अलग तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकारी कार्यक्रमों मे...
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026: 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे, जानिए पूरा चुनाव कार्यक्रम
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दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026: 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे, जानिए पूरा चुनाव कार्यक्रम

मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का कार्यक्रम चुनाव आयोग ने जारी कर दिया है। प्रदेश की राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही इस सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त 2026 को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। दतिया विधानसभा सीट पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी। इसके बाद से ही इस सीट पर उपचुनाव की तैयारियां शुरू हो गई थीं। अब चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा के साथ राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। चुनाव कार्यक्रम चुनाव आयोग के अनुसार उपचुनाव की प्रक्रिया 6 जुलाई 2026 से शुरू होगी। 13 जुलाई – नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि। 6 जुलाई – अधिसूचना जारी होगी। 14 जुलाई – नामांकन पत्रों की जांच। 16 जुलाई – नाम वापस लेने की अंतिम तिथि। 30 जुलाई – मतदान। 3 अगस्त – म...
जबलपुर में तीन तलाक बोलकर पत्नी को घर से निकाला, पति ने किया दूसरा निकाह; इंसाफ के लिए थाने पहुंची महिला
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जबलपुर में तीन तलाक बोलकर पत्नी को घर से निकाला, पति ने किया दूसरा निकाह; इंसाफ के लिए थाने पहुंची महिला

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से तीन तलाक का एक गंभीर मामला सामने आया है। गढ़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने पति पर तीन तलाक देकर घर से निकालने और दूसरी महिला से निकाह करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पति ही नहीं, बल्कि उसके ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य भी इस पूरे मामले में शामिल हैं। महिला ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पति पर लगाए गंभीर आरोप पीड़ित महिला के अनुसार, शादी के बाद से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। समय बीतने के साथ पति का व्यवहार और अधिक खराब हो गया। महिला का आरोप है कि कुछ दिन पहले पति ने उसे तीन तलाक बोलकर घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसने दूसरी महिला से निकाह कर लिया और अब उसे अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया। ससुराल वालों पर भी लगाए आरोप महिला का कहना है कि इस पूरे मामले में उसके पति के साथ-साथ सास, ससुर और ...