

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से तीन तलाक का एक गंभीर मामला सामने आया है। गढ़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने पति पर तीन तलाक देकर घर से निकालने और दूसरी महिला से निकाह करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पति ही नहीं, बल्कि उसके ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य भी इस पूरे मामले में शामिल हैं। महिला ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
पति पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित महिला के अनुसार, शादी के बाद से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। समय बीतने के साथ पति का व्यवहार और अधिक खराब हो गया। महिला का आरोप है कि कुछ दिन पहले पति ने उसे तीन तलाक बोलकर घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसने दूसरी महिला से निकाह कर लिया और अब उसे अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया।
ससुराल वालों पर भी लगाए आरोप
महिला का कहना है कि इस पूरे मामले में उसके पति के साथ-साथ सास, ससुर और परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं। आरोप है कि सभी ने मिलकर उसे घर से निकाल दिया और अब उसे वापस घर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
गढ़ा थाने पहुंची पीड़िता
अपने साथ हुई कथित ज्यादती के बाद महिला सीधे गढ़ा थाने पहुंची और पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी। शिकायत में उसने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिला का कहना है कि उसे न्याय मिलने की उम्मीद पुलिस से है।
पुलिस ने शुरू की जांच
गढ़ा थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी पहलू
भारत में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को कानून के तहत अपराध घोषित किया जा चुका है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
