

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। गुरुवार को राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया। तेज हवा और बारिश के बीच सतना जिले में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां महारानी लक्ष्मी बाई गर्ल्स स्कूल परिसर में एक विशाल पेड़ गिरने से दो युवतियां उसकी चपेट में आ गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज बारिश और आंधी के दौरान स्कूल परिसर में खड़ा पुराना पेड़ अचानक भरभराकर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से दो युवतियां मलबे में दब गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। उनकी हालत को लेकर डॉक्टरों की निगरानी जारी है।
पेड़ गिरने से वहां खड़ी एक बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि स्कूल की बाउंड्री के पास लगा एक स्ट्रीट फूड का ठेला भी टूटकर बिखर गया। हादसे के बाद स्कूल परिसर में मौजूद छात्राओं और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
इधर राजधानी भोपाल में भी सुबह से रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहा। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। ऑफिस जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं दमोह जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं और हालात बाढ़ जैसे नजर आए। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की भी संभावना है। प्रशासन को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में नागरिकों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
लगातार हो रही बारिश से जहां किसानों के चेहरों पर खुशी है, वहीं शहरी क्षेत्रों में जलभराव, पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया जा रहा है।
