

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हो गया। IRGC के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा दी गई कथित गलत जानकारी के कारण दोनों टैंकर समुद्र में बिछी माइंस (Sea Mines) से टकरा गए, जिसके बाद उनमें भीषण आग लग गई।
हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या आधिकारिक वैश्विक समुद्री संगठन द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
अमेरिका का लगातार सातवीं रात हमला
दूसरी ओर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार सातवीं रात सैन्य कार्रवाई जारी रखी। रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसकी कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने सहयोगी देशों की रक्षा के लिए की जा रही है। वहीं ईरान इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बता रहा है।
ईरान की चेतावनी- जमीनी हमला हुआ तो खाड़ी देशों तक पहुंचेगी जंग
ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान पर जमीनी हमला किया गया तो संघर्ष केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। ईरान ने कहा कि ऐसी स्थिति में उसकी सेना कुवैत और बहरीन सहित खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों तक सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ा सकती है।
इस बयान के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है बड़ा असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री तेल मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की सैन्य घटना या जहाजों पर हमला अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है, जिसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ी चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।
यदि स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई तो इसका असर केवल मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
महत्वपूर्ण
IRGC द्वारा दो तेल टैंकरों में विस्फोट और माइंस से टकराने का दावा किया गया है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इसलिए इस जानकारी को आधिकारिक पुष्टि होने तक दावा ही माना जाना चाहिए।
