देश के 60% हिस्से में फिर सक्रिय हुआ मानसून: यूपी-बिहार में 7 दिन भारी बारिश का अलर्ट, जम्मू-कश्मीर में 15 दिन में 16 बार बादल फटे

देशभर में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार देश के लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्से में बादलों का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इसके चलते नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी, जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।

20 से 30 जुलाई के बीच मध्य भारत में तेज बारिश के आसार

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो प्रेशर सिस्टम के अलावा भूमध्य रेखा के पास भी एक नया मौसमी सिस्टम विकसित हो रहा है। इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव से 20 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम मानसून को और अधिक सक्रिय करेगा, जिससे कई राज्यों में लंबे समय से चल रही बारिश की कमी भी पूरी हो सकती है।

यूपी और बिहार में सात दिन तक भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में अगले सात दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

कई निचले इलाकों में जलभराव की आशंका के साथ किसानों को भी फसल सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

जम्मू-कश्मीर में 15 दिनों में 16 बार बादल फटे

इस बार मानसून के दौरान जम्मू-कश्मीर में मौसम बेहद असामान्य बना हुआ है। जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून पहुंचने के बाद पिछले 15 दिनों में 16 बार बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

कश्मीर मौसम केंद्र के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में अत्यधिक नमी, तेज संवहनीय गतिविधियां (Convective Activity) और बदलते जलवायु पैटर्न के कारण भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

तमिलनाडु में बारिश कम, हीटवेव का खतरा बरकरार

जहां देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में स्थिति अलग बनी हुई है। तमिलनाडु में बारिश की कमी के कारण हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो प्रभाव के कारण दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ा है, जिससे जुलाई महीने में भी तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।

इन राज्यों में बढ़ सकती हैं मौसम संबंधी चुनौतियां

बारिश बढ़ने के साथ कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा भी बढ़ सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की लोगों से अपील

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, बिजली चमकने के समय खुले मैदानों में न रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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