NATO Summit में ट्रम्प का बड़ा बयान: ईरान से सीजफायर खत्म, अब कोई समझौता नहीं; अमेरिका ने 80 से ज्यादा ठिकानों पर किए हमले

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। NATO Summit के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता अब समाप्त हो चुका है और अमेरिका अब तेहरान के साथ किसी भी तरह की नई डील करने के पक्ष में नहीं है। ट्रम्प के इस बयान ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को और गहरा कर दिया है।

ट्रम्प बोले- हर हमले का मिलेगा करारा जवाब

NATO समिट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है।

उन्होंने कहा,

“हमने ईरान पर बेहद सटीक और शक्तिशाली हमला किया है। हमने खतरनाक लोगों को निशाना बनाया है। अगर ईरान हर बार हमला करेगा तो अमेरिका भी उसी ताकत से जवाब देगा।”

ट्रम्प ने यह भी साफ कर दिया कि अब अमेरिका का उद्देश्य केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य क्षमताओं को भी कमजोर करना है।


अमेरिका ने 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।

इन हमलों में कई सैन्य ठिकानों, हथियार भंडारों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।


NATO पर भी बरसे ट्रम्प

अपने संबोधन में ट्रम्प ने NATO सहयोगी देशों पर भी नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि गठबंधन ने दुनिया के सबसे बड़े आतंक समर्थक देश के खिलाफ अमेरिका का पूरा साथ नहीं दिया।

ट्रम्प का कहना था कि जब वैश्विक सुरक्षा की बात आती है तो सभी सहयोगी देशों को एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए।


पिछले 24 घंटे के 5 बड़े घटनाक्रम

1. होर्मुज में तीन टैंकरों पर हमला

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इनमें एक टैंकर कतर का बताया जा रहा है। ईरान ने चेतावनी दी कि यदि तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया गया तो सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होगी।


2. कतर ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार

कतर सरकार ने अपने टैंकर पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। कतर ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है और इस घटना के लिए वही पूरी तरह जिम्मेदार है।


3. ईरान का अमेरिका को जवाब

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि धमकियों और सैन्य दबाव के माहौल में अमेरिका के साथ कोई बातचीत संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका को अपने पुराने समझौतों का सम्मान करना होगा, तभी आगे किसी वार्ता पर विचार किया जा सकता है।


4. खामेनेई के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब

ईरान के धार्मिक शहर कोम में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए लाखों लोगों की भीड़ जुटी। कई लोगों ने उनके ताबूत पर लाल कपड़ा चढ़ाया, जिसे बदले और प्रतिरोध का प्रतीक माना जाता है।


5. पार्थिव शरीर इराक के नजफ पहुंचा

ईरान में कई दिनों तक चली अंतिम यात्रा और धार्मिक रस्मों के बाद अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर विशेष विमान से इराक के पवित्र शहर नजफ पहुंचाया गया, जहां अंतिम धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।


क्या बढ़ सकता है मध्य पूर्व में तनाव?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए हवाई हमलों और ट्रम्प के सख्त रुख के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह का सैन्य संघर्ष वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर व्यापक असर डाल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *