

सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी 150 अंक फिसला; ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, कच्चा तेल 85 डॉलर के करीब
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार (14 जुलाई) को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ खुला और पूरे कारोबार के दौरान दबाव में बना रहा। बीएसई सेंसेक्स करीब 400 अंक की गिरावट के साथ 77,200 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई निफ्टी लगभग 150 अंक टूटकर 24,100 के आसपास पहुंच गया।
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटोमोबाइल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों की कमजोरी के चलते इन सेक्टरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई।
ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
आज के कारोबार में प्रमुख ऑटो कंपनियों और निजी व सरकारी बैंकों के शेयरों में गिरावट रही। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए इन सेक्टरों में बिकवाली की, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर भी साफ दिखाई दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के कारण निवेशकों का रुझान फिलहाल सतर्क बना हुआ है।
कच्चा तेल 85 डॉलर के करीब पहुंचा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। इसके साथ ही कच्चे तेल का भाव फिर से 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।
तेल की कीमतों में इस तेजी के पीछे प्रमुख वजह अमेरिका की ओर से आया ताजा बयान माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब समाप्त हो चुका है। इस बयान के बाद वैश्विक बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला।
महंगे कच्चे तेल का भारत पर असर
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो इसका असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
- पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
- महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है।
- तेल आयात बिल में वृद्धि हो सकती है।
- शेयर बाजार में तेल पर निर्भर सेक्टरों पर दबाव बढ़ सकता है।
