21 दिन की भूख हड़ताल के बाद बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, 9.5 किलो वजन घटा; पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई

21 दिन की भूख हड़ताल के बाद बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, 9.5 किलो वजन घटा; पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की 21 दिनों से जारी भूख हड़ताल के बाद उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची। इस दौरान पुलिसकर्मी सफेद चादरें लेकर मौके पर पहुंचे और वांगचुक को अस्पताल ले जाते समय चारों ओर से चादरों से घेर लिया।

जानकारी के अनुसार, लगातार 21 दिनों तक उपवास करने के कारण सोनम वांगचुक का करीब 9.5 किलोग्राम वजन कम हो गया। उनकी शारीरिक कमजोरी इतनी बढ़ गई थी कि उन्हें चलने-फिरने में भी कठिनाई हो रही थी। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें मेडिकल जांच और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जंतर-मंतर पर चल रहा था अनशन

सोनम वांगचुक पिछले तीन सप्ताह से जंतर-मंतर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। इस दौरान देशभर से कई सामाजिक संगठनों, छात्रों और समर्थकों ने उनके आंदोलन का समर्थन किया। अनशन के दौरान बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने भी पहुंचे।

विपक्षी नेताओं और फिल्म कलाकारों ने जताया समर्थन

भूख हड़ताल के दौरान कई विपक्षी दलों के नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की चिंता जताई। इसके अलावा फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों और सामाजिक हस्तियों ने भी उनसे मुलाकात कर समर्थन व्यक्त किया।

पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया

शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस की टीम जंतर-मंतर पहुंची। पुलिसकर्मी अपने साथ सफेद चादरें लेकर आए और वांगचुक को भीड़ और मीडिया कैमरों से घेरते हुए एंबुलेंस तक ले गए। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्वास्थ्य जांच की गई।

स्वास्थ्य पर बनी हुई है नजर

डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण शरीर में कमजोरी और वजन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सीय देखभाल दी जा रही है।

हालांकि, उनके समर्थकों का कहना है कि आंदोलन की मूल मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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