
आपकी कार के टैंक में वास्तव में कितना पेट्रोल और कितना इथेनॉल है?
क्या वाकई में इथेनॉल ने हमारी कारों के औसत/माइलेज को कम कर दिया है?
और क्या भविष्य में देश में ऐसी ही कारें होंगी, जो केवल इथेनॉल पर चलेंगी?
क्या आपके मन में आज-कल इनमें से कोई सवाल आया है? क्योंकि ये ही बातें पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई हैं.
लेकिन इथेनॉल आखिर है क्या?

‘गन्ने का रस इथेनॉल है’, मज़ाक में यह कहना कितना उपयुक्त होगा?
कौन से वाहन ई85 ईंधन का उपयोग कर सकते हैं?
और आजकल ई100 को लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है?

इथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है. ये शब्द एथाइल अल्कोहल को मिलाकर बना है. इसका केमिकल फॉर्म्युला सी2एच5ओएच है.
इस तरल पदार्थ का कोई रंग नहीं है, यह पारदर्शी होता है.
इथेनॉल का उत्पादनगन्ने और मक्के से होता है. ज्वलनशील होने के कारण सरकार इसे पेट्रोल में मिलाकर ईंधन के रूप में उपयोग करने को प्रोत्साहित कर रही है. इस मिश्रण को ब्लेंडिंग कहा जाता है.
ईंधन का नाम उसमें मिलाई गई मात्रा पर निर्भर करता है. यानी, अगर पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है, तो वह ई10 होता है, और अगर 20 प्रतिशत मिलाया जाता है, तो वह ई20 होता है.
