

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने की खबर सामने आते ही निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिसका सीधा असर घरेलू शेयर बाजार पर दिखाई दिया। देखते ही देखते सेंसेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज हुई और बाजार लाल निशान में फिसल गया।
20 मिनट में 1000 अंक टूटा सेंसेक्स
दोपहर करीब 1:40 बजे तक सेंसेक्स लगभग 77,600 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की खबर आते ही अगले महज 20 मिनट में सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर 76,700 के आसपास पहुंच गया।
बाजार बंद होने से पहले तक गिरावट और तेज हो गई। सेंसेक्स करीब 1900 अंक यानी लगभग 2.50% गिरकर 76,300 के स्तर तक पहुंच गया।
निफ्टी में भी बड़ी गिरावट
सिर्फ सेंसेक्स ही नहीं बल्कि निफ्टी-50 में भी भारी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी करीब 600 अंक यानी 2.45% गिरकर 23,800 के आसपास कारोबार करता नजर आया। लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में रहे और निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
बैंकिंग और FMCG सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक और FMCG कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। इन सेक्टरों में तेज बिकवाली के कारण प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते हैं, जिससे शेयर बाजार में बिकवाली तेज हो जाती है।
कच्चे तेल की कीमतों में 6% की तेजी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 6% उछलकर फिर से 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ सकता है। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बयान देते हुए कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने बीती रात ईरान पर बेहद ताकतवर हमला किया है।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ गई और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया।
