

देश के कई राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुजरात के सूरत में 85 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड टूट गया है, वहीं महाराष्ट्र के पुणे में एक इमारत ढहने से कई लोग मलबे में दब गए। मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी एक पांच मंजिला इमारत गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया।
सूरत में 85 साल का रिकॉर्ड टूटा, शहर बना जलमग्न
गुजरात के सूरत में पिछले 36 घंटों के दौरान 11 से 19 इंच तक बारिश दर्ज की गई। सरथाना इलाके में सबसे अधिक 19 इंच और वराछा में 18.16 इंच बारिश हुई। इसके साथ ही जुलाई 1941 में बना लगभग 85 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड टूट गया।
लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाके पानी में डूब गए। सड़कों पर घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया। कई जगह कारें तेज बहाव में बहती नजर आईं, जबकि एक शॉपिंग मॉल की पूरी मंजिल पानी में डूब गई। लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।

9 लोगों की मौत, 3400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
भारी बारिश के दौरान करंट लगने, पेड़ गिरने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने तेजी से राहत कार्य चलाते हुए 3400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
स्थिति को देखते हुए सूरत और नवसारी जिले में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
पुणे में बारिश के बीच इमारत गिरी, 15 लोग मलबे में दबे
महाराष्ट्र के पुणे में लगातार बारिश के कारण एक इमारत अचानक ढह गई। हादसे के समय कई लोग इमारत के अंदर मौजूद थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक करीब 15 लोग मलबे में दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है।
जबलपुर में 5 मंजिला इमारत ढही
मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी भारी बारिश के बीच एक पांच मंजिला इमारत ढह गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को भी खाली कराया और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, इमारत गिरने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आशंका है कि लगातार बारिश से भवन की नींव कमजोर हो गई थी।
मौसम विभाग का अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग ने गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है और नागरिकों से मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

