

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में टेलीग्राम के दुरुपयोग पर केंद्र सरकार की बड़ी टिप्पणी
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। सरकार के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को टेलीग्राम के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक करने और परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी गतिविधियों की कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
NTA ने संदिग्ध टेलीग्राम चैनल और ग्रुप्स की पहचान की
हलफनामे में बताया गया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने ऐसे कई टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स की पहचान की थी, जिनका उपयोग कथित रूप से लीक हुए प्रश्नपत्रों को प्रसारित करने और छात्रों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। सरकार का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही थीं।
ब्लॉक करने से पहले सरकार ने टेलीग्राम को दिया था अवसर
केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि टेलीग्राम पर सीधे प्रतिबंध लगाने से पहले कम प्रतिबंधात्मक उपाय अपनाए गए थे। 3 जून 2026 को सरकार और टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें सरकार ने प्लेटफॉर्म पर मौजूद संदिग्ध चैनलों और कंटेंट को लेकर अपनी चिंताएं साझा की थीं।
सरकार के अनुसार, टेलीग्राम ऐसे चैनलों की पहचान और रोकथाम में पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं था। वहीं टेलीग्राम ने स्वीकार किया कि संदिग्ध कंटेंट की स्वतः पहचान करने में तकनीकी सीमाएं हैं, हालांकि कंपनी की मॉडरेशन टीम रिपोर्ट किए गए चैनलों पर कार्रवाई कर रही है।
हाई कोर्ट ने पूछा- क्या पूरे टेलीग्राम ऐप पर प्रतिबंध उचित है?
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या पूरे टेलीग्राम प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करना एक संतुलित और उचित कदम माना जा सकता है।
सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य अदालत के सामने रखना आवश्यक हैं। उन्होंने दावा किया कि प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और चिंताजनक गतिविधियां लगातार जारी थीं तथा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं किए गए।
टेलीग्राम ने प्रतिबंध का किया विरोध
टेलीग्राम ने अदालत में पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने के प्रस्ताव का विरोध किया। कंपनी के वकील ने दलील दी कि किसी विशेष चैनल, ग्रुप या यूजर आईडी पर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन पूरे प्लेटफॉर्म को प्रतिबंधित करना अत्यधिक और असंगत कदम होगा।
कंपनी ने यह भी बताया कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग कर रही है और सरकारी अनुरोधों के अनुरूप संदिग्ध कंटेंट पर कार्रवाई कर रही है।
21 जून को होगी NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
सरकार और NTA का दावा है कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं ताकि छात्रों का विश्वास बहाल किया जा सके।
