7 दिन में फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, यूपी-बिहार समेत 18 राज्यों में बारिश का रेड अलर्ट

देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा मानसून अब एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 20 जुलाई से मानसून दोबारा गति पकड़ेगा, जिससे उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

बीते तीन से चार दिनों के दौरान राजस्थान, गुजरात और उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में मानसून की गतिविधियां कमजोर रही हैं। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अस्थायी है और अगले सप्ताह से बारिश में फिर तेजी देखने को मिलेगी।

बांग्लादेश और पूर्वोत्तर के सिस्टम से बढ़ेगी बारिश

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बांग्लादेश और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी। इसी वजह से देश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

सैटेलाइट तस्वीरों में भी पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर घने बादल दिखाई दे रहे हैं, जो आने वाले दिनों में व्यापक बारिश के संकेत दे रहे हैं।

18 राज्यों में रेड अलर्ट जारी

IMD ने उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 18 राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ जलभराव, बाढ़ और नदी-नालों के उफान की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों में 6 से 7 दिन तक भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 6 से 7 दिनों तक निम्न क्षेत्रों में कई स्थानों पर अच्छी से भारी बारिश हो सकती है—

  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश (पूर्वी क्षेत्र)
  • बिहार
  • पश्चिम बंगाल
  • असम
  • मेघालय
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • त्रिपुरा
  • पूर्वोत्तर भारत के अन्य हिस्से

राजस्थान और गुजरात में भी लौटेगा मानसून

राजस्थान और गुजरात में फिलहाल मानसून कमजोर बना हुआ है, लेकिन 20 जुलाई के बाद यहां भी बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ-साथ जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ सकती है।

लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और तेज बहाव वाली नदियों से दूर रहने की अपील की गई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की भी सलाह दी गई है।

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