दूसरी शादी छिपाना कितना आसान? क्या Central Digital Marriage Registry से रुकेगी धोखाधड़ी | Bigamy Law India Explained
Central Digital Marriage Registry
भारत तेजी से डिजिटल हो रहा है। बैंकिंग से लेकर टैक्स, पहचान पत्र से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक लगभग हर क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था लागू हो चुकी है। लेकिन एक ऐसा महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक विषय है, जहां आज भी देश में एक समान डिजिटल व्यवस्था मौजूद नहीं है—विवाह पंजीकरण।
यही वजह है कि समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें एक व्यक्ति पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी कर लेता है और पहली पत्नी या पति को इसकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे मामलों में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि पहली शादी पहले से मौजूद थी, तो दूसरी शादी कैसे हो गई? क्या हमारा मौजूदा सिस्टम इस तरह की धोखाधड़ी को पहले ही रोक सकता है?
इन्हीं सवालों ने अब एक नई बहस को जन्म दिया है—क्या भारत को एक Central Digital Marriage Registry की आवश्यकता है?
भारत में विवाह पंजीकरण की मौजूदा व्यवस...








