राजस्थान-एमपी में थमा मानसून, यूपी-बिहार में मूसलाधार बारिश; ओडिशा में रेड अलर्ट, पूर्वोत्तर में बाढ़ का कहर

राजस्थान-एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, यूपी-बिहार में झमाझम बारिश; ओडिशा में रेड अलर्ट, पूर्वोत्तर में बाढ़ से लाखों प्रभावित

देशभर में मानसून का असर इस समय एक समान नहीं है। जहां राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बारिश का दौर लगभग थम गया है, वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने ओडिशा के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

क्यों थम गई राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश?

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस समय मानसून ट्रफ और बंगाल की खाड़ी व अरब सागर से आने वाली नम हवाएं पूर्वी भारत में अधिक सक्रिय हैं। यही वजह है कि नमी से भरी हवाएं पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रही हैं। इसके कारण राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।

हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने की संभावना है। यदि यह सिस्टम सक्रिय होता है या मानसून ट्रफ पश्चिम की ओर बढ़ती है, तो इन राज्यों में एक बार फिर अच्छी बारिश शुरू हो सकती है।

पूर्वी भारत में भारी बारिश का दौर जारी

दूसरी ओर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा में लगातार भारी बारिश हो रही है। सैटेलाइट तस्वीरों में भी साफ दिखाई दे रहा है कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर घने बादलों का जमाव बना हुआ है।

वहीं राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में बादलों की कमी देखी जा रही है, जिससे बारिश की संभावना फिलहाल कम बनी हुई है।

ओडिशा में रेड अलर्ट, रथयात्रा पर मौसम की नजर

मौसम विभाग ने पुरी सहित ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यह अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है जब राज्य में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की तैयारियां चल रही हैं।

आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 घंटे के भीतर बंगाल की खाड़ी और पश्चिमी बांग्लादेश के तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से बुधवार से शुक्रवार तक पुरी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

असम और अरुणाचल में बाढ़ का संकट

पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा कर दी है।

अरुणाचल प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से व्यापक नुकसान हुआ है। राज्य में 1.02 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग घायल बताए गए हैं।

वहीं असम के छह जिलों के 99 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां 37,032 लोग प्रभावित हैं, जिनमें सबसे ज्यादा असर लखीमपुर जिले में देखने को मिला है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां फिलहाल कमजोर रहेंगी। यदि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया सिस्टम मजबूत होता है, तो राजस्थान, मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में भी मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है।

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