

नई दिल्ली। केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
जॉर्ज कुरियन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें केंद्र सरकार में ईसाई समुदाय का प्रमुख प्रतिनिधि माना जाता था। वे मोदी सरकार में शामिल इकलौते ईसाई मंत्री थे। उनका छह वर्षीय राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था।
बताया जा रहा है कि बीजेपी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा का टिकट नहीं दिया था। राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है कि पार्टी भविष्य में उन्हें कौन-सी नई जिम्मेदारी सौंप सकती है।
राष्ट्रपति भवन के बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से जॉर्ज कुरियन की भविष्य की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
