

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अध्यक्ष महेंद्र देव ने कहा है कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार 7 से 8 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर (GDP Growth Rate) बनाए रखनी होगी। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निजी निवेश और निर्यात वृद्धि सबसे महत्वपूर्ण कारक होंगे।
23 जून को आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत करते हुए महेंद्र देव ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश में निजी क्षेत्र का निवेश बढ़े और भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार से दूरी बनाना नहीं, बल्कि घरेलू उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी और सक्षम बनाना है।
महेंद्र देव ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का अर्थ आयात प्रतिस्थापन नहीं है, बल्कि भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। इससे देश के निर्यात में वृद्धि होगी और भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत स्थिति बना सकेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने ऐसी 100 वस्तुओं की पहचान की है, जिनका घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि भारत के पास जनसांख्यिकीय लाभ, तकनीकी कौशल और नवाचार की क्षमता है, जिसका उपयोग कर देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल कर सकता है। सरकार व्यापार सुगमता और जीवन सुगमता में सुधार के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है।
कृषि क्षेत्र पर बात करते हुए महेंद्र देव ने कहा कि सरकार पारंपरिक रासायनिक खेती से आगे बढ़कर जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। इससे उर्वरक सब्सिडी पर पड़ने वाला बोझ कम होगा और कृषि क्षेत्र अधिक टिकाऊ बन सकेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार में यूरिया की कीमतों में आई गिरावट से सरकार को राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरिया की कीमत 900 डॉलर प्रति टन से घटकर करीब 450 डॉलर प्रति टन हो गई है, जिससे उर्वरक सब्सिडी पर होने वाला खर्च कम होगा और सरकार की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी।
महेंद्र देव के अनुसार, निवेश, निर्यात, तकनीकी नवाचार और कृषि सुधार जैसे कदम भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
