

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। पुलिस रिमांड के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों के पास से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम की पुरानी फर्जी दान रसीद बुक बरामद हुई है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर लोगों से चंदा लेने के लिए किया जाता था।
पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को करीब 40 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इसी दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं, जिनकी अब विस्तार से जांच की जा रही है।
फर्जी रसीद से वसूला जाता था चंदा
जांच में सामने आया है कि आरोपियों के पास मिली रसीद बुक देखने में बिल्कुल असली जैसी लगती थी। उस पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का नाम और प्रारूप भी उसी तरह बनाया गया था, जिससे आम लोग आसानी से धोखे में आ जाएं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इन रसीदों का इस्तेमाल कर लोगों से राम मंदिर निर्माण और धार्मिक कार्यों के नाम पर चंदा इकट्ठा करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितने लोगों से पैसे लिए गए और कुल कितनी राशि की वसूली की गई।
सर्राफा कारोबारी के यहां भी पुलिस की कार्रवाई
जांच के सिलसिले में पुलिस ने एक सर्राफा कारोबारी के प्रतिष्ठान पर भी छापा मारा। आशंका जताई जा रही है कि चोरी की गई नकदी या अन्य सामान को यहां खपाने की कोशिश की गई हो सकती है। पुलिस ने मौके से कुछ दस्तावेज और अन्य सामग्री भी अपने कब्जे में ली है, जिनकी जांच जारी है।
चोरी की रकम और नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों के साथ इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या फर्जी रसीदों के जरिए चलाया जा रहा यह नेटवर्क केवल अयोध्या तक सीमित था या अन्य राज्यों में भी सक्रिय था।
इसके अलावा चोरी की रकम कहां खर्च की गई, किन खातों में पैसा पहुंचा और किस-किस व्यक्ति को इसका फायदा मिला, इन सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
राम मंदिर जैसे देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक में चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर भी इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां मंदिर परिसर में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस का अगला कदम
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और बरामद दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बरामद फर्जी रसीद बुक, दस्तावेज और अन्य सबूतों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
