

देशभर में मानसून अब पूरी रफ्तार में है और कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां बन गई हैं। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उज्जैन में क्षिप्रा नदी उफान पर, रामघाट के मंदिर डूबे
मध्य प्रदेश के उज्जैन में लगातार बारिश के चलते क्षिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी का पानी रामघाट तक पहुंच गया, जिससे घाट के पास बने कई छोटे मंदिर पूरी तरह पानी में डूब गए। प्रशासन ने घाट क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और श्रद्धालुओं से नदी किनारे न जाने की अपील की है।
प्रदेश में मानसून ने इस बार केवल नौ दिनों में पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया है। मौसम विभाग के अनुसार धार, बड़वानी, खरगोन और देवास जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है।

हिमाचल में भारी बारिश से लैंडस्लाइड, नेशनल हाईवे पर मलबा
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में गुरुवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद चोलिंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड हुई। मलबा सीधे नेशनल हाईवे पर आ गया, जिससे दो वाहन दब गए। हालांकि किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण 49 सड़कें बंद हैं और कई इलाकों में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। प्रशासन राहत और सड़क बहाली के कार्य में जुटा है।
गुजरात में बारिश का कहर, पानी में बहे दो बच्चे
गुजरात के वलसाड जिले में भारी बारिश के चलते कई सड़कें पानी में डूब गईं। जलभराव के कारण कई वाहन रास्ते में ही बंद हो गए और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं जामनगर जिले में दो बच्चे तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत साहस दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
उत्तर प्रदेश में सुबह-सुबह तेज बारिश, घरों में घुसा पानी
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, जालौन सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई। उन्नाव के कई इलाकों में जलभराव इतना बढ़ गया कि पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उत्तराखंड में भूस्खलन से सड़कें बंद, केदारनाथ यात्रा प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते रुद्रप्रयाग, चमोली और आसपास के पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर लगातार पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए केदारनाथ यात्रा भी रोकी गई थी।
राजस्थान में लगातार बारिश, कई जिलों में अलर्ट
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई जिलों में दो इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
5 जुलाई तक पूरे देश में पहुंच सकता है मानसून
इस वर्ष मानसून ने भारत में 4 जून को प्रवेश किया था, जो सामान्य तिथि से तीन दिन देरी से था। शुरुआती दिनों में इसकी रफ्तार धीमी रही और कई राज्यों में ब्रेक मानसून जैसी स्थिति बनी।
हालांकि जुलाई की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के सक्रिय होने के बाद मानसून ने फिर तेजी पकड़ ली। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 5 जुलाई तक मानसून पूरे देश को कवर कर सकता है, जबकि सामान्य तिथि 8 जुलाई मानी जाती है। यानी इस बार मानसून शुरुआती देरी के बावजूद तय समय से पहले पूरे भारत में पहुंचने की संभावना है।
4 जुलाई का मौसम पूर्वानुमान
- छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना।
- बिहार में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।
- मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा और तमिलनाडु में तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।
5 जुलाई का मौसम पूर्वानुमान
- आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी।
- असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में तेज बारिश।
- गोवा, तेलंगाना, सिक्किम और कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी।



